भारतवर्ष का नामकरण


नामकरण
भारतवर्ष का नामकरण कैसे हुआ इस संबंध में मतभेद नज़र आते हैं किन्तु ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर अधिकान्श विद्वान भगवान ऋषभदेव के पुत्र भरत को भारतवर्ष के नामकरण का श्रेय देते है |
भारतवर्ष में तीन भरत हुएभरत
      राजा दशरथ के पुत्र
         दुष्यंत-शकुंतला के पुत्र
        ऋषभदेव के पुत्र

राजा दशरथ के पुत्र-

साहित्यिक प्रमाण-  चाहें वाल्मीकि कृत रामायण हो तुलसीदास कृत रामचरितमानस दोनो मे ही इस सम्बन्ध मे कोई  उल्लेख नही है |
पुरातात्विक प्रमाण-  अप्राप्त
'' उपरोक्तानुसार कहीं भी यह लेख नही है की राजा दशरथ के पुत्र भरत के नाम पर इस देश का नाम भारतवर्ष पड़ा ''

राजा दुष्यंतशकुंतला के पुत्र-

 कुल तीन साहित्यों मे दुष्यंत- शकुंतला के पुत्र भरत वर्णन आया है |

साहित्यिक उल्लेख-

  1. विभिन्न लोग श्रीमद् भागवत पुराण उल्लेख होने कि बात कहते हैं किंतु नौवें स्कंध, अध्याय २० [1]में जहां दुष्यंत- शकुंतला के पुत्र भरत के चरित्र का वर्णन किया गया है इस संबंध में कोई उल्लेख नहीं है साथ ही इस पुराण के स्कन्ध ५ अध्याय ४ श्लोक ९ [2] स्पष्ट रुप से उल्लेेेख है कि ऋषभ देव के पुत्र भरत के नाम पर ईस क्षेत्र का नाम भारतवर्ष पड़ा |
  2. कालिदास की अभिज्ञान शाकुंतलम में इस सम्बन्ध मे कोई उल्लेख नही है ।[3][4]
  3. महाभारत में इस सम्बन्ध मे कोई उल्लेख नही है केवल अनुशासन पर्व अध्याय ७६ श्लोक २६ में उल्लेख आया है'[5] [6] -  
                       '' चक्रवर्ती भरत- जिनके वंश में होने वाले सभी राजा भारत कहलाये '' 
          एवम् आदि पर्व अध्याय ६९ श्लोक ४९ में उल्लेख आया है[7]- 

                    '' भरताभारती कीर्तिर्येनेदं भारतं कुलम  | अपरे ये च पूर्वे च भारता इति विश्रुता: ||

 ''अर्थात् '' इसी भरत से यह भरतवंश प्रसिद्ध हुआ, जो आगे चलकर भारत के नाम से प्रसिद्ध हुये, भरत से पूर्व और बाद मे जितने भी मनुष्य उत्पन्न हुए वे सब भारत के नाम से प्रसिद्ध हुए | ''

पुरातात्विक उल्लेखअप्राप्त

'' उपरोक्तानुसार कहीं भी यह लेख नही है की दुष्यंत- शकुंतला के पुत्र भरत के नाम पर इस देश का नाम भारतवर्ष पड़ा; पुरातन साहित्यों से केवल इतना स्पष्ट होता है कि इस वंश के सभी राजा भारत कहलाए ''
भगवान ऋषभदेव के पुत्र[1][2]
नाभिराज के पुत्र भगवान ऋषभदेव के पुत्र भरत चक्रवर्ती के नाम पर इस देश का नाम भारतवर्ष पड़ा |

साहित्यिक प्रमाण-

जैन साहित्य
क्र०ग्रंथ का नामलेखकवर्षश्लोकअर्थ
01आदिपुराणजिनसेन आचार्यसातवीं शताब्दी

आदिपुराण पर्व 15 श्लोक 159
02पद्मपुराणआचार्य रविषेणसातवीं शताब्दी

पद्मपुराण

जैनेत्तर साहित्य
क्र०
ग्रंथ का नाम
लेखक 
श्लोक
अर्थ
0
श्री महर्षि  वेदव्यास
अग्नि पुराण अध्याय १०७ श्लोक १०-१२
उस हिमवत  प्रदेश में जरा और मृत्यु का भय नहीं था धर्म और अधर्म भी नहीं थे उनमें समभाव था वहाँ नाभिराज - मरूदेवी से ऋषभ का जन्म हुआ ऋषभ से भरत हुए ऋषभ ने राज्य, भरत को सौपकर सन्यास ले लिया  भरत से इस देश का नाम भारतवर्ष पड़ा

0
श्री महर्षि  वेदव्यास
मार्कण्डेय पुराण अध्याय-५० श्लोक ३९-४२

ऋषभदेव अपने पुत्र भरत का राज्याभिषेक करके पुलह के आश्रम तप  करने के लिए चले गए पिता ने भरत को हिमालय का दक्षिण वर्ष (क्षेत्र) दिया जो कि उसके नाम पर भारतवर्ष के नाम पर विख्यात हुआ |
पृष्ठ क्रमांक-२०६-२०७ https://epustakalay.com/sanskrit/book/12647-markandeya-puran-by-vravandan-das/

0
श्री महर्षि  वेदव्यास
वायु पुराण अध्याय ३३ श्लोक ५०-५२

नाभि ने मरुदेवी से ऋषभ नामक एक  पुत्र उत्पन्न ने किया जो अत्यंत तेजस्वी, राजाओं में श्रेष्ठ सभी क्षत्रियों का पूर्वज था |
ऋषभ से वीर भरत की उत्पत्ति हुई जो अपने सौ भ्राताओं  में ज्येष्ठ था ऋषभ से भरत हुए ऋषभ ने राज्यभरत को सौपकर सन्यास ले लिया
उन्होने भरत को हिम नामक दक्षिण देश दिया भरत से इस देश का नाम भारतवर्ष पड़ा
पृष्ठ क्रमांक- २५७https://vedpuran.files.wordpress.com/2016/07/vayu-puran.pdf

०४
श्री महर्षि  वेदव्यास
वराह पुरण अध्याय ७४

  ---उपरोक्तानुसार----
०५
श्री महर्षि  वेदव्यास
लिंग पुराण अध्याय ४७ श्लोक १९-२३
---उपरोक्तानुसार----

0
श्री महर्षि  वेदव्यास
ब्रह्माण्ड पुराण पूर्व भाग अध्याय-१४ श्लोक ५९-६१

---उपरोक्तानुसार----
0
श्री महर्षि  वेदव्यास
विष्णु पुराण द्वितीय अंश अध्याय ०१ श्लोक २७-३२










    
---उपरोक्तानुसार----
पृष्ठ क्रमांक- १२२
0
श्री महर्षि  वेदव्यास
स्कंद पुराण के माहेश्वर खंड का कुमारिका खंड श्लोक ५७

0
श्री महर्षि  वेदव्यास
नारद पुराण - पूर्व भाग अध्याय ४८ श्लोक 

अर्थ
1
श्री महर्षि  वेदव्यास
शिव पुराण 37\57

1
श्री महर्षि  वेदव्यास
श्रीमद् भागवत पुराण , स्कन्ध  अध्याय  श्लोक 




1
श्री महर्षि  वेदव्यास
नरसिंह पुराण अध्याय ३० श्लोक -


पृष्ठ क्रमांक-९३

पुरातात्विक प्रमाण-
हाथीगुम्फा शिलालेख-[3] 'भारतवर्ष' शब्द का एक भौगोलिक ईकाई के रूप में सबसे पुराना उपयोग हाथीगुम्फा शिलालेख में मिलता है। यह 2nd century BCE-1st century CE के मध्य जैन धर्म के अनुयायी कलिंगराज खारवेल द्वारा उत्कीर्ण कराया गया था। इसमे उल्लेख है की राजा नन्द, कलिंग से इस युग के प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की मूर्ति (जोकि कलिंगजिन नाम से प्रसिद्ध थी) जो मूर्ति वह पाटलिपुत्र ले गया था, उसे सम्राट खारवेल फिर से कलिंग वापस ले आये |
'' उपरोक्तानुसार जब तक अन्य पुरातात्विक या साहित्यिक प्रमाण प्राप्त नही होते तब तक यह कहा जा सकता है की  भगवान ऋषभदेव  के पुत्र भरत के नाम पर इस देश का नाम भारतवर्ष पड़ा ''

सन्दर्भ सुची

1.     Tiwari, Maruti Nandan Prasad (1981). Jain Pratima Vigyan.
2.     Bhattacharya B. C. (1939). The Jaina Iconography (1939).
3.     ":: Read Agni Puran ::". www.vedpuran.com. अभिगमन तिथि 2020-04-14.
5.     "मार्कण्डेय पुराण - Markandeya Puran : व्रवन्दन दास - Vravandan Das | Sanskrit Book PDF Download | Read Online |". ePustakalay Sanskrit (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2020-04-14.
6.     Vayu Puranam.
9.     ":: Read Brahmand Puran ::". www.vedpuran.com. अभिगमन तिथि 2020-04-14.
10.  "विष्णु पुराण" (PDF). www.chaturpata-atharvan-ved.com.
13.  "6. नारद > पूर्व भाग , द्वितीय पाद > भाग - 6". www.getwisdom.in. अभिगमन तिथि 2020-04-14.
14.  "Hindi Book Bhagwat Puran". archive.org. अभिगमन तिथि 2020-04-14.
17.  "Hindi Book Bhagwat Puran". archive.org. अभिगमन तिथि 2020-04-14.
18.  "Hindi Book Bhagwat Puran". archive.org. अभिगमन तिथि 2020-04-13.

  1.  "Hindi Book Bhagwat Puran"archive.org. अभिगमन तिथि 2020-04-14.
  2.  "Hindi Book Bhagwat Puran"archive.org. अभिगमन तिथि 2020-04-13.
  3.  "अभिज्ञान शकुन्तला नाटक | Abhigyan Shakuntala Natak | कालिदास - Kalidas | Hindi PDF Download | Read Online |"E Pustakalaya. अभिगमन तिथि 2020-04-07.
  4.  "॥ अभिज्ञानशाकुन्तलम् ॥ - .. The AbhijnAnashAkuntalam of KAlidAsa .. : Sanskrit Documents Collection"sanskritdocuments.org. अभिगमन तिथि 2020-04-13.
  5.  "krishnakosh"http://hi.krishnakosh.org/.
  6.  "महाभारत > १३. अनुशासन पर्व > अध्याय - 76"www.getwisdom.in. अभिगमन तिथि 2020-04-14.
  7.  "Mahabharata with Hindi Translation - SD Satwalekar"archive.org. अभिगमन तिथि 2020-04-14.

Comments

  1. बहुत ही अच्छा और तर्क पूर्ण लिखा है।

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